अधिकतर स्त्रियों को वास्तव में इस बात का ज्ञान होता है कि वे जिस पुरुष से विवाह रचाने जा रही हैं, वह पहले से ही विवाहित है और उसकी पत्नी जिन्दा है। फिर भी वे एक निर्दोष स्त्री के वैवाहिक अधिकारों का बलात्कार करते हुए एक विवाहित पुरुष को अपना पति मान लेती हैं या उसके साथ कुछ किन्तु-परन्तुओं के साथ विवाह रचा लेती हैं। जब आपस में बिगाड़ हो जाता है तो अदालत में आरोप लगाया जाता है कि उसके पति ने खुद को अविवाहित बताकर उसके साथ विवाह किया था। अब ऐसी औरतों को सुप्रीम कोर्ट के उक्त निणर्य के अनुसार गुजारा भत्ता देय होगा।
मेरे शुभचिंतक और समालोचक जिनके विश्वास एवं संबल पर मैं यहाँ लिख पा रहा हूँ!
‘यदि आपका कोई अपना या परिचित पीलिया रोग से पीड़ित है तो इसे हलके से नहीं लें, क्योंकि पीलिया इतना घातक है कि रोगी की मौत भी हो सकती है! इसमें आयुर्वेद और होम्योपैथी का उपचार अधिक कारगर है! हम पीलिया की दवाई मुफ्त में देते हैं! सम्पर्क करें : डॉ. पुरुषोत्तम मीणा, 098750-66111
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Saturday, October 26, 2013
दूसरी बीवी को गुजारा भत्ता, सुप्रीम कोर्ट का बहुपत्नीवादी निर्णय
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